लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू, कैबिनेट में लगी मुहर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने के लिए कैबिनेट के बाद मंजूरी मिल गई है। लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर एसएन साबत हो सकते हैं वंही नोएडा के पहले पुलिस कमिश्नर की रेस में आलोक कुमार और प्रशांत कुमार के नाम पर चर्चा चल रही है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस बैठक में नोएडा व लखनऊ पुलिस कमिश्नरी सिस्टम प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार राजधानी लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने जा रही है। लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर एसएन साबत हो सकते हैं व नोएडा के पहले पुलिस कमिश्नर की रेस में आलोक कुमार और प्रशांत कुमार के नाम पर चर्चा चल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के लिए पुलिस कमिश्नरी सिस्टम बेहद जरूरी है। यह कदम प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए उठाया गया है। इस सिस्टम को 10 लाख की आबादी वाले जिलों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा एसपी रैंक के नौ अधिकारी तैनात होंगे, महिला एसपी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। लखनऊ में आईजी रैंक के दो अधिकारी होंगे। पुलिस अधिकारियों पर मजिस्ट्रेट के पावर होंगे। इस सिस्टम के लगने सक पहले पुलिस अधिकारी कोई भी फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नही थे, वे आकस्मिक परिस्थितियों में डीएम या मंडल कमिश्नर या फिर शासन के आदेश तहत ही कार्य करते हैं। पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो जाने से जिला अधिकारी और एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के ये अधिकार पुलिस अधिकारियों को मिल जाते हैं। जिसके बाद वह मजिस्ट्रेट की तरह दंगे-फसाद के दौरान लाठीचार्ज, फायरिंग, गिरफ्तारी करने के आदेश देना, धारा 144 लागू करने का निर्णय ले सकता है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन, जुलूस आदि की अनुमति भी कमिश्नर दे सकता है।